Content Marketing
आपके ग्राहक अभी सवाल पूछ रहे हैं। जवाब कोई और दे रहा है।
वो सवाल जो आप रोज़ फ़ोन पर झेलते हैं — इंटरनेट पर उनका जवाब आपके नाम से कहीं लिखा ही नहीं। हम आपकी जानकारी को ऐसे लिखते हैं कि इंसान भी पढ़ें और मशीनें भी उठा सकें।
from ₹15,000/mo + GST
डेमो
CONTENT MARKETING
Ads banaam content
Ek kiraya hai. Doosra sampatti.
ADS
Paisa band, grahak band
Jis din kharch rukta hai, usi din enquiry rukti hai. Kuch bachta nahi.
6 mahine — kharch rukne ke baad
CONTENT
Ek baar likha, saalon chalta hai
Har jawab jo aapke naam se likha gaya, woh saalon tak grahak laata rehta hai — bina kisi click ke paise.
6 mahine — likhne ke baad
Kaise hota hai
Aapki jaankari, aapke naam se likhi hui.
Mahine mein lagbhag ek ghanta. Gaadi chalate hue voice note bhi chalega — jaankari aapke paas hai, likhna hamara kaam hai.
Jo aap roz phone par sunte ho, aur jo log Google aur AI se poochhte hain. Keyword ki list nahi.
Jawab sabse upar, saaf dhaancha, sahi schema. Yahi wajah hai ki AI aapko cite karta hai kisi aur ko nahi.
Alag hue toh sab kuch aapke paas rehta hai. Kuch bandhak nahi.
Saaf baat
Teen se chhe mahine. Agar is hafte grahak chahiye toh ads chalao — aur yeh neeche saath-saath banne do.
Wahi cheez aaj Google aur AI dono chhod dete hain. Jaankari aapki, likhaai insaan ki. Agar bina aapse baat kiye likha ja sakta hai, toh woh chhapne layak nahi.
Bees-tees achhe jawab ek neev bana dete hain. Us mod par hum khud bolenge — mahine ka bill khinchne ke bajaye.
Bas bolna hai. Baaki sab hum karte hain.
Saath mein yeh bhi chalta hai
Likha hua jab tak dhoondha na jaaye, tab tak sirf likha hua hai.
Baat karo → AI Visibility AuditPehle dekho ki AI abhi kis se jawab utha raha hai.
₹4,999 → Ads ManagementContent 6 mahine leta hai. Tab tak grahak ads se aayenge.
Baat karo →Aapka waqt: mahine mein ek ghanta · sab kuch aapki site par, aapke naam
क्या यह कहानी जानी-पहचानी है?
- आप हर ग्राहक को फ़ोन पर वही बात समझाते हैं। इंटरनेट पर वो समझाइश आपके नाम से कहीं मौजूद नहीं।
- आप हर महीने विज्ञापन के पैसे देते हैं। देना बंद कीजिए और उसी दिन पूछताछ रुक जाती है। बनाया हुआ कुछ नहीं बचता।
- आपसे आधे तजुर्बे वाला प्रतिस्पर्धी लेखों और खोज में दिखता है, क्योंकि उसने लिख कर रखा और आपने नहीं।
- आपके ग्राहक अब आपसे पहले ChatGPT से पूछते हैं — और वो उसी से जवाब देता है जिसने पहले लिख रखा था।
यह आपके लिए है, अगर
- ख़रीदने से पहले ग्राहक हर बार वही सवाल पूछते हैं।
- आप अपना काम ठीक से जानते हैं और आपके ग्राहकों के अलावा किसी को उसका पता नहीं।
- आप ऐसी पूछताछ चाहते हैं जो पहले से समझी हुई आए, मोल-भाव करती हुई नहीं।
- आप हर महीने ध्यान किराए पर लेने के बजाय कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो जुड़ता जाए।
यह आपके लिए नहीं है, अगर
- आपको इसी हफ़्ते ग्राहक चाहिए। ये धीमा है — विज्ञापन चलाइए और ये साथ शुरू कीजिए।
- आपको महीने में पचास लेख चाहिए। बिना दम के ढेर वही चीज़ है जिसे खोज और AI अब छाँट देते हैं।
काम कैसे होता है
- 1
असली सवाल ढूँढते हैं
लोग क्या खोजते हैं, AI से क्या पूछते हैं, और आपसे रोज़ फ़ोन पर क्या पूछा जाता है। आख़िरी वाला अक्सर सबसे क़ीमती होता है।
- 2
आपकी जानकारी लेते हैं
एक बार में एक बातचीत — वॉइस नोट भी चलेगा। आपका तजुर्बा, आपके नुस्ख़े, और वो ग़लतियाँ जो आप ग्राहकों को करते देखते हैं।
- 3
ठीक से लिखते हैं
जवाब सबसे ऊपर, साफ़ ढाँचा, सही schema — ताकि खोज इंजन और AI दोनों उसे उठा सकें, उस भाषा में जो आपके ख़रीदार पढ़ते हैं।
- 4
नापते हैं कि क्या मिल रहा है
कौन से हिस्से लोग तक पहुँच रहे हैं, कितनी पूछताछ आई, और AI ने आपका नाम लेना शुरू किया या नहीं।
हाथ में क्या आएगा
- लेख और गाइड जो आपके ख़रीदारों के असली सवालों का जवाब देते हैं, उनकी भाषा में।
- ढाँचा और schema ठीक से, ताकि खोज इंजन और AI आपको पढ़ और उद्धृत कर सकें।
- आपकी जानकारी, आपकी आवाज़ में — ऐसा भरावा नहीं जो कोई भी छाप सकता था।
- सवाल-जवाब और तुलना वाले रूप, जिन्हें AI सबसे ज़्यादा उठाता है।
- महीने की रिपोर्ट: क्या मिल रहा है और उससे कितनी पूछताछ आई।
- सब कुछ आपकी अपनी साइट पर, आपके नाम। अलग हुए तो भी वहीं रहता है।
विज्ञापन बनाम कंटेंट
वक़्त पर, वरना फ्री।
हर हिस्से की डिलीवरी तारीख़ पैसे लेने से पहले तय होती है। देर हुई तो वो हिस्सा मुफ़्त। रैंकिंग का वादा नहीं करेंगे — कोई ईमानदार नहीं करता — पर काम वक़्त पर आएगा, इसका करेंगे।
वो सवाल जिनके जवाब ख़रीदार माँगते हैं — और आप उनका स्रोत बन जाइए।
- एक अच्छा जवाब सालों कमाता रहता है, विज्ञापन का बजट ख़त्म होने के बाद भी।
- ख़रीदार पहले से समझ कर आते हैं, क्योंकि उन्होंने फ़ोन करने से पहले आपकी बात पढ़ी थी।
- AI सिर्फ़ वही उठा सकता है जो लिखा गया हो। लिखा जाना यहीं से शुरू होता है।
- आपका तजुर्बा आपकी अपनी साइट पर संपत्ति बन जाता है, फ़ोन पर दोहराई जाने वाली बात नहीं।
- ये जुड़ता जाता है — हर हिस्सा अगले को ढूँढना आसान बनाता है।
- ये आपका है। आपके डोमेन पर, आपके नाम, और अलग होने पर भी रहता है।
आपके सवाल
कितने समय में असर दिखेगा?
खोज के लिए तीन से छह महीने, AI सहायकों के लिए कभी-कभी जल्दी क्योंकि वो नया कंटेंट तेज़ी से उठाते हैं। तीन हफ़्ते का वादा करने वाला कुछ और बेच रहा है।
क्या ये सिर्फ़ AI से लिखे लेख हैं?
नहीं, और यही पूरी बात है। AI से भरा हुआ भरावा वही चीज़ है जिसे खोज और AI अब कम आँकते हैं। हम आपकी असली जानकारी लेते हैं, तेज़ी के लिए औज़ार इस्तेमाल करते हैं, और हर लाइन इंसान सुधारता है। अगर वो आपसे बात किए बिना लिखा जा सकता था, तो वो छापने लायक़ नहीं है।
मेरा कितना समय लगेगा?
महीने में लगभग एक घंटा, ज़्यादातर बोलने में। गाड़ी चलाते हुए वॉइस नोट सच में काफ़ी होते हैं — मुश्किल हिस्सा जानकारी है, और वो आपके पास पहले से है।
हिंदी, मराठी या अंग्रेज़ी?
जो आपके ख़रीदार पढ़ते हैं। अक्सर इसका मतलब खोज के लिए अंग्रेज़ी और सोशल/WhatsApp के लिए हिंदी या मराठी होता है।
क्या हमेशा हर महीने छापना पड़ेगा?
नहीं। कई कारोबार बीस-तीस अच्छे हिस्सों की नींव बना कर फिर कभी-कभार अपडेट पर आ जाते हैं। उस मोड़ पर हम ख़ुद बता देंगे।
जो आप लिखते हैं वो किसका होता है?
आपका। आपकी साइट पर, आपके नाम, और साथ छूटने पर भी वहीं रहता है।
आज सुबह किसी ने आपका सवाल मशीन में टाइप किया।
उसने जवाब दिया — किसी प्रतिस्पर्धी के लिखे से, किसी पत्रिका के लिखे से, या आपके शहर में किसी ने न लिखा हो तो कहीं और से। जवाब तो दिया ही जाएगा। सवाल सिर्फ़ इतना है कि उसके साथ नाम किसका जुड़ा होगा।
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